
जंगल बना मौत का जाल! तपस्या कर रहे साधु पर भालू का खौफनाक हमला, मौके पर ही मौत
एमसीबी के बाघमाड़ा जंगल में दहशत, 17 साल से गुफा में रह रहे लोकराम बाबा की दर्दनाक अंत

म एमसीबी, छत्तीसगढ़,एमसीबी जिले के जनकपुर क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली और खौफनाक घटना सामने आई है, जहां जंगल में तपस्या कर रहे एक साधु की जंगली भालू के हमले में मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल फैल गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रेद स्थित बाघमाड़ा के घने जंगल में बीती रात साधु लोकराम बाबा पर अचानक एक भालू ने हमला कर दिया। हमला इतना हिंसक था कि बाबा को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि लोकराम बाबा वर्ष 2009 से इस घने जंगल की एक गुफा में रहकर तपस्या कर रहे थे। वे वर्षों से जंगली जानवरों के बीच अकेले जीवन बिता रहे थे, लेकिन आखिरकार यही जंगल उनकी मौत का कारण बन गया।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, बाघमाड़ा का यह इलाका घने जंगलों और जंगली जानवरों की गतिविधियों के लिए जाना जाता है। खासकर गर्मी के दिनों में पानी और ठंडक की तलाश में भालू जैसे वन्यजीव गुफाओं और छायादार स्थानों की ओर तेजी से आते-जाते हैं। बीती रात भी ऐसा ही हुआ, जब एक भालू बाबा की गुफा तक पहुंच गया और अचानक हमला कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही जनकपुर थाना पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इधर, घटना के बाद वन विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और भालू की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जंगलों में अकेले न जाएं और किसी भी वन्यजीव के दिखने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें।
फिलहाल सवाल यही—क्या जंगल में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं, या ऐसे हादसे यूं ही होते रहेंगे?















